आतंकी हमलों से नहीं डरा ब्रिटेन, 8 जून को होने जा रहा चुनाव, जानें अहम बातें

लंदन, एएफपी। पिछले तीन महीने के भीतर तीन आतंकी हमलों के बावजूद ब्रिटेन में तय समय पर ही आम चुनाव होंगे। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री ने इसका एलान करते हुए कहा है कि हिंसा से लोकतंत्रिक प्रक्रिया बाधित नहीं होनी चाहिए। आठ जून को ही चुनाव होंगे। आइए आपको बताते हैं चुनाव से जुड़ी कुछ प्रमुख बातें-

चुनाव के मायने

ब्रिटेन आतंकवाद विरोधी वैश्विक प्रयासों में अहम भूमिका निभाता है और इराक व सीरिया में आइएस के खिलाफ हमले के लिए तैनात अमेरिकी नेतृत्‍व गठबंधन का एक प्रमुख सदस्‍य है।

यह संयुक्‍त राष्‍ट्र में वीटो पावर रखता है, जहां यह सुरक्षा परिषद के पांच स्‍थायी सदस्‍यों में से एक है। इनमें ब्रिटेन के अलावा चीन, रूस, फ्रांस और अमेरिका शामिल हैं।

यह जीडीपी के मामले में दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था है और जी 7 व जी 20 ग्रुप का सदस्‍य है।

ब्रिटेन के नए नेता को आतंकी हमलों के मद्देनजर इस स्थिति से निपटना होगा, क्‍योंकि देश में पिछले तीन महीने के भीतर तीन आतंकी हमले हो चुके हैं।

ब्रेक्जिट पर नजर

कंजर्वेटिव प्रधानमंत्री थेरेसा मे बिना किसी राष्‍ट्रीय चुनाव के पिछले साल सत्‍ता में आ गईं। उन्‍होंने यूरोपीय संघ के जनमत संग्रह के बाद डेविड कैमरून के इस्‍तीफे के फलस्‍वरूप पदभार संभाला। मगर तीन साल पहले ही चुनाव का आह्वान कर दिया। दरअसल, मे के पास बहुमत बहुत कम था और ब्रेक्जिट वार्ता में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश के तहत उन्‍होंने चुनाव का आह्वान किया है। ब्रेक्जिट वार्ता 19 जून से शुरू होने वाला है।

प्रतिभागी
पूरेे देश में जो मुख्‍य पार्टियां हैं, उनमें मे के नेतृत्‍व में कंजर्वेटिव्‍स (सेंटर-राइट) और जेरेमी कॉर्बिन के नेतृत्‍व में लेबर (लेफ्ट) हैं। इनके बाद लिबरल डेमोक्रेट्स (सेंटर-लेफ्ट) यूके इंडिपेंडेंस पार्टी और ग्रीन्‍स (लेफ्ट) हैं। द स्‍कॉटिश नेशनलिस्‍ट्स, वेल्‍श प्‍लेड सीमरु और नॉर्दर्न आयरलैंड की चार पार्टियों ने भी 2015 में हुए आम चुनाव में सीटें जीती थीं। कुल 3, 303 प्रतिभागी चुनाव में हिस्‍सा ले रहे हैं।

सर्वे

सर्वे की मानें तो कंजर्वेटिव्‍स की जीत के आसार हैं। हालांकि लेबर भी छोटी वामपंथी पार्टियों के समर्थन से सरकार का गठन करने में सक्षम हो सकती है। सर्वे के अनुसार, मुख्‍य मुद्दों में ब्रेक्जिट, आतंकवाद, सरकार द्वारा संचालित राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सेवा, आव्रजन और अर्थव्‍यवस्‍था शामिल हैं।

प्रक्रिया

आठ जून को सुबह सात बजे मतदान शुरू हो जाएगा और रात 10 बजे तक जारी रहेगा। नागरिकों को इसके लिए पंजीकरण कराना होगा और मतदान करना अनिवार्य नहीं है। 18 साल और उससे ज्‍यादा उम्र के ब्रिटिश, आइरिश और कॉमनवेल्‍थ नागरिक मतदान में हिस्‍सा ले सकते हैं। विदेशों में रह रहे ब्रिटिश व आइरिश नागरिक भी वोट दे सकते हैं।

वोटिंग खत्‍म होते ही मतगणना की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और नौ जून की शाम तक तस्‍वीर साफ हो जाएगी कि किसने बाजी मारी। इसके बाद महारानी एलिजाबेथ द्वितीय उस शख्‍स से प्रधानमंत्री का पदभार संभालने और प्रशासन का गठन करने को कहेंगी।

13 जून को एक नए स्‍पीकर के चुनाव और सांसदों के शपथ के लिए संसद की बैठक होगी। वहीं 19 जून को महारानी एलिजाबेथ द्वितीय द्वारा संसद सत्र शुरू किया जाएगा।

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