कुंबले के खिलाफ कोई दमदार नहीं मैदान में? कोहली संग समझौता कराएगा बीसीसीआइ –

नई दिल्ली, पीटीआइ। टीम इंडिया के मुख्य कोच अनिल कुंबले और कप्तान विराट कोहली के बीच मतभेद की खबरों के बीच बीसीसीआइ के आला अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिशों में जुट गए हैं। कुछ अहम अधिकारियों के इन दोनों से बर्मिंगम में अलग-अलग मुलाकात करने की संभावना है।

इस बीच कुंबले के लिए अच्छी खबर यह है कि उनके खिलाफ किसी बड़े नाम ने टीम इंडिया के कोच पद के लिए दावा नहीं किया है। टीम इंडिया के मुख्य कोच पद के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख खत्म होने के बाद कुंबले का कोच पद पर बने रहने का दावा मजबूत दिखाई दे रहा है। बीसीसीआइ सूत्रों के मुताबिक कोच पद के लिए कुछ नाम आए हैं, लेकिन वे कुंबले के सामने फीके साबित होते हैं।

पिछले 72 घंटे में जो हुआ उसके बाद सवाल उठाने लगे हैं कि भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सितारे कुंबले को अपने शानदार रिकॉर्ड के बावजूद क्या दोबारा कोच के लिए इंटरव्यू देने की जरूरत है। बीसीसीआइ के संयुक्त सचिव अमिताभ चौधरी और महाप्रबंधक (क्रिकेट संचालन) एमवी श्रीधर बर्मिंगम पहुंचने के बाद मौजूदा स्थिति को समझने कोच और कप्तान दोनों से बात करेंगे।

पता चला है कि बीसीसीआइ चार जून को पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले के बाद कोचों के इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। बुधवार को कोच के पद के लिए आवेदन करने का अंतिम दिन था। कुंबले का एक साल का कार्यकाल चैंपियंस ट्रॉफी के साथ खत्म हो रहा है। स्पष्ट है कि कोच के बारे में फैसला चैंपियंस ट्रॉफी के बाद टीम को वेस्टइंडीज दौरा शुरू होने से पहले कर लिया जाए।

बीसीसीआइ ने अब तक पद के लिए आवेदन करने वाले संभावित उम्मीदवारों की पुष्टि नहीं की है। टॉम मूडी के नाम की चर्चा है लेकिन अब तक बीसीसीआइ से किसी ने पुष्टि नहीं की है कि सनराइजर्स हैदराबाद के कोच ने टीम इंडिया के कोच पद के लिए आवेदन किया है या नहीं। पता चला है कि सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की क्रिकेट सलाहकार समिति के पास आवेदन भेजने से पहले बीसीसीआई के सीइओ राहुल जौहरी इन्हें देखेंगे।

तेंदुलकर, गांगुली और लक्ष्मण तीनों अभी ब्रिटेन में ही हैं। बीसीसीआइ के सूत्रों ने कहा है, ‘सलाहकार समिति फैसला करेगी कि क्या वे ब्रिटेन में ही साक्षात्कार करना चाहते हैं या नहीं। यह पूरी तरह से उनका विशेषाधिकार है।’ यह पूछने पर कि क्या कुंबले का उस समिति के सामने दोबारा पेश होना जरूरी है, जिसने उनका साक्षात्कार लिया था तो सूत्र ने कहा, ‘यह पूरी तरह से सलाहकार समिति का फैसला होगा। अगर उन्हें लगता है कि अनिल से बात करने की जरूरत है तो वे करेंगे।’

 

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