जाधव को PAK में फांसी मर्डर मानेंगे

नई दिल्ली. पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय अफसर कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा दी जाएगी। पाक ने आरोप लगाया था कि जाधव भारतीय जासूस है। ISPR के अफसर मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्विटर पर बताया कि पाकिस्तान आर्मी एक्ट के तहत जाधव का फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल (FGCM) किया गया और फांसी की सजा सुनाई गई। दूसरी ओर, भारत ने पाकिस्तान के हाईकमिश्नर को तलब कर उन्हें डिमार्शे सौंपा। कहा- अगर, जाधव को फांसी दी जाती है तो ये सोचा समझा मर्डर होगा। इसबीच, भारत ने पाकिस्तान के 11 कैदियों की रिहाई रोक दी है। भारत ने क्या एक्शन लिया…
– भारत ने पाकिस्तान के हाईकमिश्नर अब्दुल बासित को तलब किया। उन्हें डिमार्शे (डिप्लोमैटिक डिमांड लेटर) सौंपा। इसमें कहा गया- अगर सजा पर अमल होता है तो ये कानून के बुनियादी बुनियादी नियमों के खिलाफ होगा। इसे सोचा समझा कत्ल कहा जाएगा।
– डिमार्शे में आगे कहा गया- ये ध्यान रखा जाना चाहिए कि पाकिस्तान में इंडियन हाईकमीशन को ये बताने की जरूरत भी नहीं समझी गई कि कुलभूषण पर केस चल रहा है। भारत के लोग और सरकार इसे सोचा-समझा कत्ल ही मानेंगे।
– इस बीच, भारत सरकार ने पाकिस्तान के बुधवार को रिहा किए जाने वाले 11 कैदियों की रिहाई टाल दी है।
एमनेस्टी की तल्ख टिप्पणी
– एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पाकिस्तान के इस फैसले पर तल्ख टिप्पणी की। कहा- पाकिस्तान के मिलिट्री कोर्ट्स में आरोपी के खिलाफ क्या आरोप लगाए जाते हैं या सबूत पेश किए जाते हैं, इनको कभी पब्लिक नहीं किया जाता।
पाक डिफेंस मिनिस्टर ने कहा- ये दुश्मनों को वॉर्निंग
– जाधव को फांसी की सजा सुनाए जाने पर पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ ने कहा, “वो लोग जो पाकिस्तान के खिलाफ साजिश रचते हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।” आसिफ के मुताबिक- आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा, जाधव की सजा पर मुहर लगा चुके हैं।
– पाकिस्तानी सेना के कानून के तहत आए इस फैसले पर 90 दिनों के भीतर अमल होना तय है। बाजवा इसे मंजूरी दे चुके हैं। ऐसे में इसके खिलाफ अपील की कोई गुंजाइश नहीं रहती। ऐसे में जाधव को फांसी की सजा से बचाना मुश्किल होगा।
पाकिस्तान ने जारी किया था जाधव के कबूलनामे का वीडियो
– भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि अगर जाधव के मामले में कानून और इंसाफ के बुनियादी मानदंडों को नजरअंदाज किया गया है, तो सरकार और भारत की जनता इसे सोची-समझी हत्या मानेगी।
– मार्च, 2016 में पाकिस्तान आर्मी ने जाधव के कथित कबूलनामे का वीडियो जारी किया था। आर्मी ने कहा था- ”कुलभूषण जाधव ने कबूल किया है कि वह रॉ के लिए बलूचिस्तान में काम कर रहा था और टेररिस्ट एक्टिविटीज में शामिल रहा। भारत ने इस वीडियो को खारिज कर सवाल उठाया था। भारत ने शक जताया था कि जाधव को ईरान से किडनैप किया गया है।
– पाकिस्तान ने आरोप लगाया था – “जाधव इंडियन नेवी का सर्विंग अफसर है। उसे सीधे रॉ चीफ हैंडल करते हैं। वो एनएसए के भी टच में है। आपका मंकी (जासूस) हमारे पास है। उसने वो कोड भी बताया है, जिससे वह रॉ से कॉन्टैक्ट करता था। जाधव अब भी इंडियन नेवी का अफसर है। वह 2022 में रिटायर होने वाला है।”
– एक पासपोर्ट (No. L9630722) भी जारी किया गया था। जिसके बारे में कहा गया था कि यह बलूचिस्तान में गिरफ्तार भारतीय शख्स का ही है।
– पासपोर्ट में उसका नाम हुसैन मुबारक पटेल लिखा है। जन्मस्थान महाराष्ट्र का सांगली बताया गया है। पाकिस्तान ने उसके पास ईरान का वैध वीजा होने का भी दावा किया था।
वीडियो में जाधव ने क्या कहा था?
– जाधव के मुताबिक, वे दिसंबर 2001 तक इंडियन नेवी में रहे। पार्लियामेंट अटैक के बाद डोमेस्टिक इंटेलिजेंस जुटाई। 2003 में इंडियन इंटेलिजेंस सर्विस ज्वाइन की।
– अफसर यह भी कहता है कि वह ईरान से बलूचिस्तान में टेररिस्ट एक्टिविटीज को बढ़ावा दे रहा था।
– जाधव के बयान के मुताबिक, वे 2013 में रॉ में आए। ईरान के चाबहार इलाके में 10 साल पहले रॉ का बेस बनाया। कराची और बलूचिस्तान का दौरा किया।
भारत ने खारिज किए थे आरोप
– इंडियन फॉरेन मिनिस्ट्री ने कहा था, “वीडियो में यह शख्स (जाधव) जो बातें कह रहा है, उनमें कोई सच्चाई नहीं है। उसने जो भी कहा है, प्रेशर में कहा है।”
– हालांकि, भारत सरकार ने ये माना था कि जाधव भारतीय नागरिक ही है और नेवी में अफसर रह चुका है।
– मिनिस्ट्री ने कहा था, ”जाधव कानूनी तौर पर ईरान में बिजनेस करता था। उसे कस्टडी में हैरेस किया गया है। पाकिस्तान में उसकी मौजूदगी सवाल खड़े करती है। इससे ये शक पैदा होता है कि कहीं उसे ईरान से किडनैप तो नहीं किया गया?”
– भारत ने एम्बेसी के अफसरों की जाधव से मुलाकात कराने की इजाजत मांगी थी। पाकिस्तान ने भारत की मांग को ठुकरा दिया था।
जाधव को बचाने के लिए मुहिम छेड़ेंगे बचपन के दोस्त
– जाधव के बचपन के दोस्त तुलसीदास पवार कहते हैं, “उन्हें बचाने के लिए मुहिम छेड़ेंगे। बातचीत में कभी नहीं लगा कि वह ‘रॉ’ एजेंट हैं। वह नेवी से कब रिटायर हुए या कब नौकरी छोड़ी, इसकी हमें उन्होंने कभी जानकारी नहीं दी।”
– वहीं मुंबई के पनवेल स्थित हाई प्वाइंट बिल्डिंग के सी विंग का फ्लैट नंबर 3 कुलभूषण की मां अवंती जाधव का है। 10 साल पहले यहां हुसैन पटेल नामक व्यक्ति रहता था। अभी घर बंद है। हालांकि, साल के आखिर में मेंटेनन्स के पैसे चेक से मिल जाते हैं।
एक्सपर्ट व्यू: कर्नल यूएस राठौर
– जाधव के मामले पर रिटायर्ड कर्नल यूएस राठौर ने कहा, “कुलभूषण जाधव इंडियन नेवी से रिटायर्ड होने के बाद ईरान में बिजनेस करते थे। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने उन्हें वहां से किडनैप किया। बलूचिस्तान से उनकी गिरफ्तारी दिखा दी।”
– “पाकिस्तान के मुताबिक, जाधव ने कबूला है कि वो इंडियन नेवी का वर्किंग अफसर है। हमारे यहां ऐसे काम नहीं होता। जाधव का वीडियो फर्जी है। उन पर दबाव डालकर बयान दिलवाया गया है।”
– “जाधव का ट्रायल मिलिट्री कोर्ट में हुआ, जो वहां बहुत बदनाम है। पिछले दिनों पाक मिलिट्री कोर्ट का एक डाटा आया था। इसके मुताबिक, वहां 90% लोग अपने गुनाह कबूल कर लेते हैं।”
– “वहां मिलिट्री कोर्ट के 274 केसों में से 161 केसों में फांसी दी गई। यानी 59% लोगों को फांसी दी गई। इस बारे में वकीलों और फांसी पाए लोगों को भी ये बाद में पता लगा कि उनके लोग अब दुनिया में नहीं हैं। पिछले दिनों तो एक नाबालिग को फांसी दी गई। इसका पाकिस्तान में विरोध भी हुआ था।”
– “भारत को इसका कड़ा विरोध करना चाहिए नहीं तो पाकिस्तान उसे फांसी दे देगा। पाकिस्तान ह्यूमन ट्रैजडी को बढ़ा रहा है। भारत में हर साल हजारों पाकिस्तानी वीजा जम्प करते हैं, हम उन्हें आसानी से पाकिस्तानी जासूस ठहरा सकते है। इसलिए इस तरह की हरकतें ठीक नहीं हैं।”
– “खुद सरताज अजीज ने सीनेट में स्वीकार किया था कि उनके पास कुलभूषण जाधव के खिलाफ कोई सबूत नही हैं। वो बिना सबूतों के ही एक निर्दोष को फांसी दे रहा है।”

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