पंजाब चुनाव: सुखबीर ने कहा, बिकाऊ माल और कांग्रेस के वेतनभोगी कर्मचारी हैं सिद्धू

चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव में अकाली दल खासकर बादलों अौर हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू के बीच जुबानी जंग लगातार तेज हो रही है। सिद्धू के हमले के बाद उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल और उनकी पत्नी हरसिमरत कौर बादल ने उन पर जमकर हमले किए हैं। सुखबीर ने नवजोत सिंह सिद्धू को बिकाऊ माल बताया है। उन्होंने कहा कि सिद्धू का बर्ताव कांग्रेस के वेतनभोगी कर्मचारी जैसा है।
सुखबीर ने जांलधर में कहा, नवजोत सिंह सिद्धू एक बिकाऊ माल है। जहां पैसा होता है, वहां सिद्धू होता है। वह एक जगह टिककर नहीं रह सकता। शो करता है और चला जाता है। पहले वह भाजपा के लिए शो करता था, अब कांग्रेस के लिए करता है। कल किसके लिए करेगा, इसका पता नहीं।
गौरतलब है कि अकाली दल और सिद्धू में लंबे समय से चली आ रही तकरार के कारण ही सिद्धू शिअद के सहयोगी दल भाजपा से अलग हो गए थे। अमृतसर में चुनावी रैली के दौरान सुखबीर ने कहा, यह शख्स पहले कहता था अकाली दल-भाजपा मेरी मां है। अकाली दल की वजह से मैं पांच हजार मतों से चुनाव जीता हूं, वरना बीजेपी वालों ने मेरी फट्टी पोच ती सी।
सुखबीर बोले, ‘ पहले अरुण जेटली व प्रकाश सिंह बादल को पिता कहता था। जब देखा कि यहां बात नहीं बन रही, तो केजरीवाल को मां बनाने लगा। वहां दाल नहीं गली तो अब कहता है कैप्टन मेरी मां है। यही नहीं पहले राहुल गांधी को पप्पू कहने वाले के लिए अब ये लोग बढ़िया हो गए हैं। ऐसे दोगले और बिकाऊ इंसान पर कोई अब विश्वास नहीं करेगा। मैं खुद ऐसी दोगली बातें करने वाले का नाम नहीं लूंगा।’
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सुखबीर सिंह बादल ने सिद्धू का नाम लिए बिना कहा, ‘ये तो ड्रामे करता है। मेरा अमृतसर की बात करता है, वह बताए कि पिछले ढाई साल अमृतसर क्यों नहीं आया। शेरो-शायरी से पंजाब नहीं बनेगा।’
विधानसभा हलका दक्षिण से प्रत्याशी गुरप्रताप सिंह टिक्का के पक्ष में चुनावी रैली करने आए सुखबीर बादल ने कहा कि उसे (सिद्धू को) फर्क नहीं लगा कि जब वह यहां था तो अमृतसर क्या था और अब कितना खूबसूरत बन गया है। खुद कामेडी शोज से करोड़ों कमाए और अब फिर से जुमलों की राजनीति शुरू कर दी।
सुखबीर बादल ने चंडीगढ़ में कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस के वेतनभोगी कर्मचारी जैसा बर्ताव कर रहे हैं। उनकी अपनी पहचान खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा सिद्धू हमेशा अपने आप को बेचने के लिए तैयार रहते हैं। वह हमेशा अपने राजनीतिक गुरु बदलते रहते हैं। पहले उन्होंने वित्तमंत्री अरुण जेटली को अपना गुरु बनाया। फिर थोड़े दिनों के लिए अरविंद केजरीवाल उनके गुरु रहे। आजकल उनके गुरु राहुल गांधी हैं।
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सुखबीर ने कहा कि यह वही राहुल गांधी हैं, जिन्हें सिद्धू पप्पू बताया करते थे। गांधी वही परिवार है, जिसने कभी श्री हरिमंदिर साहिब पर टैंकों और तोपों से हमला कराया था। इसके बावजूद सिद्धू उसी राहुल गांधी का गुणगान कर रहे हैं। सुखबीर ने कहा कि अपने राजनीतिक पिता बदलने वाले पर कोई यकीन कैसे कर सकता है।
उन्होंने कहा कि सिद्धू को तो पहले यह बताना चाहिए कि अमृतसर से तीन बार भाजपा सांसद होने के दौरान उन्हें पंजाब में कोई नशेड़ी नजर क्यों नहीं आया। तब तो वह अपनी जीत का श्रेय अकाली दल को दिया करते थे। सच तो यह है कि सिद्धू पंजाबी युवाओं की कीमत पर केवल राहुल गांधी को खुश करना चाहते हैं। असल में मुख्यमंत्री बनने के लिए वह राहुल के तलवे चाटने तक के लिए तैयार हैं। चुनाव के बाद वह फिर से अपने कॉमेडी शो के लिए वापस लौट जाएंगे।

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