फुटबॉल U-17 वर्ल्ड कप: फीफा की संतुष्टि के बावजूद खेल मंत्री ने जताया साल्ट लेक स्टेडियम की तैयारियों पर संदेह

अरिंदम, कोलकाता
अक्टूबर में भारत फीफा वर्ल्ड कप अंडर-17 की मेजबानी करेगा। इस टूर्नमेंट के कुछ मैचों का आयोजन कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में होंगे। इस टूर्नमेंट के लिए कोलकाता का यह स्टेडियम पूरी तरह तैयार हो चुका है। फीफा के प्रतिनिधि और टूर्नमेंट के डायरेक्टर जैवियर सेपी खुद स्टेडियम की तैयारियों की सराहना कर चुके हैं। उन्होंने बताया, ‘साल्ट लेक स्टेडियम फीफा टूर्नमेंट के लिए पूरी तरह तैयार से है। हम इस स्टेडियम में इंफ्रास्ट्रक्चर से बहुत संतुष्ट हैं।’

स्टेडियम की तैयारियों पर फीफा के अधिकारियों द्वारा संतोष जताने के बावजूद यह मुद्दा अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। एक ओर पश्चिम बंगाल सरकार वर्ल्ड क्लास स्टेडियम देने की बात कह रही है, वहीं केंद्र सरकार इसका पूरा श्रेय अकेले लेना चाह रही है। केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल ने हाल ही में कहा, ‘वह स्टेडियम का दौरा करेंगे, इसके यह तय किया जाएगा कि साल्ट लेक स्टेडियम फीफा वर्ल्ड कप के लिए तैयार है या नहीं।’

इस स्टेडियम के मैदान में खास बरमूडा घास बिछाई गई है। पुराने एथलेटिक्स ट्रैक को हटाकर मॉर्डन लाल रंग का ट्रैक बिछाया गया है। स्टेडियम की गैलरीज में नीली चेयर लगाई गई हैं। पानी की निकासी के लिए बेलियाघाट से कड़ापारा टनल का काम लगभग पूरा हो चुका है। साल्ट लेक स्टेडियम की तैयारियों से एआईएफएफ (ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन) भी संतुष्ट है। इस स्टेडियम में फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप टूर्नमेंट के फाइनल और सेमीफाइनल समेत कुल 10 मैच खेले जाने हैं।

कोलकाता के लिए उड़ान भरने से पहले खेल मंत्री विजय गोयल ने दिल्ली में कहा, ‘मैं साल्ट लेक स्टेडियम का दौरा करूंगा। मैं तैयारियों को लेकर डेडलाइन दूंगा।’ उन्होंने इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी मुलाकात की इच्छा जताई। विजय गोयल ने कहा, ‘वह इस टूर्नमेंट के बारे में एथलीट्स से बात करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नरेंद्र मोदी भी इस टूर्नमेंट को लेकर उत्साहित हैं। कोच्चि में फीफा विश्व कप की तैयारियों को लेकर हो रही देरी पर गोयल ने नाराजगी जताते हुए कहा वह पेनिक बटन दबाने जा रहे हैं और आयोजकों को 15 मई तक बाकी का बचा हुआ काम करने की डेडलाइन देना चाहते हैं।

मार्च के महीने में कोच्चि में जब फीफा की टीम ने यहां निरीक्षण किया था, तो स्टेडियम में की जा रही तैयारियों की रफ्तार पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कोच्चि को चेतावनी भी दी थी कि अगर 15 मई तक काम पूरा नहीं हुआ तो कोच्चि से फुटबॉल के मैचों की मेजबानी वापस ले ली जाएगी।

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