भारत-चीन विवाद में टांग अड़ा रहा पाक, चीनी

भारत और चीन के बीच बढ़ते विवाद के बीच पाकिस्तान ने अपनी नाक घुसानी शुरू कर दी है। पाकिस्तान के हाई कमीशनर अब्दुल बासित ने भारत में चीनी राजदूत लू झाहाई से मुलाकात की है। चीनी राजदूत से मुलाकात के बाद बासित ने भारत में भूटान के राजदूत वेट्सोप नामगैल से मुलाकात की मांग भी की है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार बासित ने चीनी राजदूत से बुधवार को मिले। उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द ही भूटान के राजदूत से भी मुलाकात करेंगे। बासित दोनों देशों के राजदूत से डोकलाम मुद्दे पर बात करना चाहते हैं। बासित ने हाई कमीशनर के तौर पर अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है और वह अगले महीने इस्लामाबाद वापस लौट सकते हैं।

वहीं बीजिंग इस वक्त दूनिया भर को यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि भारत, चीन और भूटान के बीच के डोकलाम विवाद में जबरदस्ती दखल दे रहा है। चीन का कहना है कि यह मुद्दा उनके और भूटान के बीच का है, भारत को इसमें दखल नहीं देना चाहिए। राजदूत से मिले बासित
भारत अपनी सीमा की रक्षा कर सकता है : सुषमा स्वराज
गौरतलब है कि भारत के कहा था कि वह इस विवाद में भूटान के मदद मांगने के बाद पड़ा है। जिस चीन ने कहा था कि वह भी पाकिस्तना के कहने पर कश्मीर में हस्तक्षेप कर सकता है। चीन का कहना है कि भारत को अगर भूटान की मदद करनी भी थी तो उसे भूटानी सीमा तक ही यह करना चाहिए था। विवादित क्षेत्र में चीनी सैनिकों को रोककर भारत ने ठीक नहीं किया है।

वहीं चीनी मीडिया बीते एक महीने से लगातार भारत को धमकी दे रहा है। गुरुवार को चीन के मुद्दा पर ससंद में जमकर हंगामा हुआ। चीन विवाद पर बोलते हुए सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत अपनी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम हैं।

उन्होंने चीन को साफ तौर पर कहा है कि पहले डोकलाम से उसे सेना हटानी पड़ेगी, तभी भारत अपनी सेना हटाए जाने पर विचार करेगा। सुषमा स्वराज ने कहा कि सिक्किम-भूटान-तिब्बत ट्राई जंक्शन पर चीन की ओर से हदें पार की जाती हैं, तो ये देश की सुरक्षा पर बड़ा चैलेंज होगा।

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