ये है विश्‍व की पांच बड़ी सैन्‍य शक्तियां, जानें इनमें कहां आता है भारत –

नई दिल्ली (स्‍पेशल डेस्‍क)। बीते कुछ वर्षों में भारत ने तकनीक, रक्षा और अं‍त‍रिक्ष के क्षेत्र में काफी तरक्‍की की है। यह तीनों एक दूसरे से न सिर्फ जुड़े हुए हैं, बल्कि इनका सुरक्षा के लिहाज से काफी बड़ा योगदान है। फिर चाहे वह इसरो हो या डीआरडीओ या फिर तकनीक के क्षेत्र में काम कर रही दूसरी कंपनियां हों। इन सभी का देश की सुरक्षा में काफी अहम योगदान है। इन्‍हीं वजहों से कोई भी देश अपनी सैन्‍य क्षमता में दूसरों से आगे निकल पाता है, जैसे अब भारत निकला है। भारत आज विश्‍व का सबसे बड़ा हथियार आयातक देश है। पिछले पांच वर्षों में बड़े हथियारों का व्यापार शीतयुद्ध के बाद से सर्वाधिक हुआ है। इसकी सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया और एशिया में हथियारों की मांग में तेजी रही है। सैन्‍य शक्ति के मामले में यह पांच देश दुनिया में सबसे आगे हैं।

अमेरिका

दुनिया की सबसे ताकवर अमेरिकी सेना को माना गया है। अमेरिका अपनी सैन्य शक्ति पर अन्य देशों की तुलना में करीब 612 बिलियन डॉलर खर्च करता है। उसके पास अत्याधुनिक हथियारों के साथ 2,130 क्रूज मिसाइल, 450 बैलिस्टिक मिसाइल और 19 विमान वाहक हैं, जो हवा से हवा में वार करने में सक्षम हैं। अपने अत्याधुनिक हथियारों और मजबूत जहाजी बेड़े के कारण यह विश्व की सबसे शक्तिशाली नौसेना है। अमेरिका के पास दुनिया की सबसे ज्यादा प्रशिक्षित विशिष्ट सैनिकों की बड़ी फौज है, जो किसी भी देश पर पूरी ताकत से हमला करे, तो कुछ ही समय में तबाह कर दे।

2007 से 2016 के दौरान अमेरिका से मध्य-पूर्व के देशों को बेचे जाने वाले हथियारों में करीब 86  फीसद की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह वर्ष 2012-2016 के दौरान हुए कुल आयात का 29  फीसद रहा है। गौरतलब है कि अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और जर्मनी दुनिया के सबसे बड़े हथियार निर्यातक हैं। विश्‍व के कुल निर्यात में इनकी हिस्‍सेदारी करीब 74 फीसद है। अमेरिका ने 2007-11 की तुलना में 2012-16 में 21 फीसद अधिक हथियार निर्यात किए हैं। इनमें भी आधा निर्यात केवल मध्य-पूर्व के देशों को किया गया है। वहीं अमेरिका द्वारा आयात किए गए हथियारों में 2007-11 और 2-11-16 के बीच करीब 18 फीसद की गिरावट दर्ज की गई है। दुनिया का सबसे ताकतवर मुल्क अमेरिका अपने रक्षा खर्चों में किसी तरह की ढील नहीं होने देता है। अमेरिका का कुल रक्षा बजट 596 बिलियन डॉलर है, जो कि अमेरिका के कुल जीडीपी का 3.3 फीसदी है।

चीन

चीन की सेना दुनिया में तीसरे नंबंर पर है। चीन का सैन्‍य बजट मौजूदा समय में करीब 126 बिलियन डॉलर है। इस समय चीन के पास 22 लाख 85 हजार की सक्रिय सेना और 23 लाख सैनिक रिजर्व में हैं। हाल ही में उसने अपनी सेना में एफ-35 फाइटर प्लेन शामिल किए हैं। हथियारों के निर्यात में चीन ने भी बढ़ोतरी दर्ज की है। उसने 2007-11 में उसकी हिस्सेदारी 3.8  फीसद थी, जो 2012-16 में बढ़कर 6.2 फ़ीसद हो गई। चीन रक्षा खर्च के मामले में दुनिया में दूसरे स्थान पर है चीन का कुल रक्षा बजट 215.0 बिलियन डॉलर है जो कि चीन की जीडीपी का 1.9 फीसदी है।

 

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