विराट कोहली ने टॉस जीतकर चुनी फील्डिंग, अश्विन की वापसी, सामने है वर्ल्ड नंबर वन टीम!

आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी, 2017 रोमांचक दौर में है. जहां ग्रुप-ए से सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमें तय हो गई हैं, वहीं ग्रुप-बी की तस्वीर अभी धुंधली है. मिनी वर्ल्ड के कप नाम से पहचाने जाने वाले इस टूर्नामेंट की डिफेंडिंग चैंपियन टीम इंडिया सेमीफाइनल के लिए आज दोपहर तीन बजे से केनिंग्टन ओवल मैदान पर संघर्ष करेगी, जिसमें उसका मुकाबला वर्ल्ड नंबर वन टीम दक्षिण अफ्रीका से है. टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग का फैसला किया है. जाहिर है विराट कोहली एंड टीम के सामने राह आसान नहीं रहने वाली, लेकिन इस बीच उनके लिए राहत की बात यह है कि प्रोटियाज टीम अहम मौकों पर चौकर्स साबित होती रही है और इसका मनोवैज्ञानिक दबाव उन पर अवश्य रहेगा. बस विराट को इसी का फायदा उठाना होगा. मौसम की बात करें, तो अच्छी खबर है. आज मैच के दौरान बारिश होने की संभावना बहुत कम है. हालांकि बादल रहेंगे.

अश्विन की इसलिए हुई वापसी
आर अश्विन को प्रोटियाज टीम में शामिल बाएं हाथ के बल्लेबाजों को देखते हुए टीम में जगह दी गई है. उमेश यादव की जगह प्लेइंग इलेवन में उनको शामिल किया जाना तर्कसंगत लगता है, क्योंकि रवींद्र जडेजा जडेजा सर्कल के भीतर बेहतरीन फील्डर हैं और सीमारेखा के पास से उनके थ्रो बेहद सटीक होते हैं. वह प्रत्येक मैच में 10-15 रन बचाते हैं जिससे वह काफी उपयोगी खिलाड़ी साबित होते हैं, जबकि उमेश पिछले मैच में बुरी तरह पिट गए थे.

दोनों ही टीमों ने टूर्नामेंट में एक मैच जीता और एक हारा है, जिससे दोनों के 2-2 अंक हैं. अपने ग्रुप में भारत टॉप पर है, क्योंकि उसका रन रेट बेहतर है. ग्रुप बी में शामिल चारों टीमों भारत, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका ने दो-दो मैच खेले है, और एक-एक मैच हारा है.

चैंपियंस ट्रॉफी में हावी रही है टीम इंडिया
मिनी वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत और द.अफ्रीका की टीमें तीन बार भिड़ी हैं. ये मुकाबले साल 2000, 2002 और 2013 में खेले गए थे, जिनमें से सभी मैच टीम इंडिया के नाम रहे. बीते चार वर्षों में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चार नॉकआउट मुकाबले हुए हैं और इनमें से भारत को तीन में जीत मिली है, भारत को सिडनी में 2015 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में इकलौती हार का सामना करना पड़ा था, इन तीन में से दो जीत पिछले साल चैंपियंस ट्रोफी टूर्नमेंट में भारत के खाते में आई थीं, जिसमें भारत दक्षिणी अफ्रीका के खिलाफ एक भी मुकाबला नहीं हारा था. हालांकि दक्षिण अफ्रीका अभी वनडे क्रिकेट में दुनिया की नंबर 1 टीम है. जुलाई 2015 में बांग्लादेश से हारने के बाद इस टीम ने 9 वनडे सीरीज में से 7 में जीत दर्ज की है. इसमें एक बार भारत को भी हराया है.

हार्दिक पांड्या को भी बाहर नहीं किया जा सकता क्योंकि सातवें नंबर पर उनके जैसे आक्रामक बल्लेबाज की जरूरत है. जसप्रीत बुमरा डेथ ओवरों में अच्छे यॉर्कर डालते हैं. इसके मायने हैं कि अश्विन के लिये उमेश यादव या भुवनेश्वर कुमार में से एक को बाहर रहना होगा.

श्रीलंका के खिलाफ मैच में दूसरे पावरप्ले के दौरान भारत ने 200 से अधिक रन दिये लिहाजा अश्विन को अगले मैच में रनगति पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी निभानी होगी. भारतीय शीषर्क्रम के सभी बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया है. रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी फॉर्म में है. सभी बल्लेबाजों ने एक ना एक अच्छी पारी खेली है. कोहली इस मैच में बतौर बल्लेबाज भी मोर्चे से अगुवाई करना चाहेंगे. मोर्नी मोर्कल, क्रिस मौरिस और इमरान ताहिर जैसे गेंदबाजों के सामने अच्छा प्रदर्शन करना चुनौतीपूर्ण होगा.

टीमें इस प्रकार हैं…
भारत : विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन, रोहित शर्मा, युवराज सिंह, एमएस धोनी, हार्दिक पांड्या, केदार जाधव, आर अश्विन, रवींद्र जडेजा और भुवनेश्वर कुमार.

दक्षिण अफ्रीका : एबी डिविलियर्स (कप्तान), हाशिम अमला, क्विंटन डि कॉक, डेविड मिलर, जेपी डुमिनी, फाफ डु प्लेसिस, इमरान ताहिर, क्रिस मॉरिस, एंडिले पी, मॉर्ने मॉर्केल और कागिसो रबाडा.

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