शहीदों के परिवार को गोद लेंगे आईएएस अफसर, बच्चों को शिक्षा और नौकरी दिलाने में करेंगे मदद

आईएएस अफसरों ने एक शानदार पहल करते हुए नक्सल और आतंक विरोधी अॉपरेशंस में शहीद होने वाले सुरक्षाबलों के परिवार को गोद लेने का फैसला किया है, ताकि उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा और परिवारीजनों को सरकार की मुआवजा नीति के तहत वित्तीय सहायता मिले। टाइम्स अॉफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक देश भर के आईएएस अफसरों की एक असोसिएशन ने फैसला किया है कि हर कोई एक सुरक्षाबल के परिवार (डिफेंस, केंद्रीय सुरक्षाबल और राज्य पुलिस) को गोद लेगा और 5-10 साल तक उन्हें सपोर्ट करेगा। गोद लिया हुआ परिवार उसी राज्य (कैडर) से होगा, जहां से अॉफिसर ताल्लुक रखता था। इंडियन सिविल एंड एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (सेंट्रल) असोसिएशन के सेक्रेटरी संजय भूसरेड्डी ने कहा कि अफसर को गोद लिए हुए परिवार को सीधे कोई वित्तीय सहायता देने की जरूरत नहीं है। लेकिन वह परिवार को समर्थन और सहायता देगा ताकि वह सुरक्षा की भावना से जी सकें और उन्हें यह महसूस हो कि मुश्किल समय में देश उनके साथ खड़ा है।

शुरुआत में 2012 से 2015 बैच के 600-700 युवा आईएएस अफसरों को उनके पोस्टिंग के इलाके में एक परिवार को गोद लेने को कहा जाएगा। इन अफसरों में ज्यादातर एसडीएम, एडिशनल डीएम और जिलाधिकारी स्तर के अफसर होंगे। ये लोग अपने पोस्टिंग एरिया में पीड़ित परिवारों से खुद बातचीत करेंगे और उन्हें पेंशन, ग्रैचुटी, पेट्रोल पंप दिलाना, नौकरियों जैसी सेवाओं का आवंटन कराने में मदद करेंगे। इसके अलावा शहीदों के बच्चों का स्कूल में दाखिले या भारत सरकार के स्किल इंडिया और डिजिटल इंडिया प्रोग्राम्स से जुड़कर ट्रेनिंग दिलाने में मदद करेंगे। अगर पीड़ित परिवार कोई बिजनेस या स्टार्ट-अप शुरू करना चाहता है तो आईएएस अफसर वित्तीय संस्थानों के जरिए उनकी सहायता करेंगे।

सेंट्रल पीएसयू एमएमटीसी में चीफ विजिलेंस अफसर के पद पर काम कर रहे भूसरेड्डी ने कहा कि सीनियर और राज्य सिविल सेवा के अधिकारी भी स्वेच्छा से परिवारों को गोद लेंगे। उन्होंने कहा कि हम राज्य और केंद्र सरकार से इस मामले में जरूरी निर्देश जारी करने का अनुरोध करेंगे ताकि यह व्यवस्था जल्द से जल्द संस्थागत हो सके। 24 अप्रैल को नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में नक्सलियों ने पुलिस दल पर हमला कर दिया था, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 25 जवान शहीद हो गए थे। घात लगाए नक्सलियों ने हमला दोपहर करीब 12.25 बजे उस समय किया जब सीआरपीएफ की एक यूनिट पेट्रोलिंग कर रही थी। घायल जवानों को हेलिकॉप्टर से इलाज के लिए रायपुर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।

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