स्क्रीन पर राज करने वाला ये एक्टर भुखमरी और तंगहाली का हो गया था शिकार, ऐसी हुई मौत

जालंधर ः ‘इतना सन्नाटा क्यों है भाई ? फिल्म ‘शोले’ में एके हंगल का ये डायलॉग इतना चर्चित रहा था कि ये उनकी पहचान ही बन गया। ए.के. हंगल फिल्मों में नहीं आना चाहते थे या यूं कह सकते हैं कि एक्टिंंग उनका शगल नहीं रही।
ए.के. हंगल एक स्वतंत्रता सेनानी थे, लेकिन किस्मत का कुछ ऐसा साथ मिला कि वो फिल्मों में आ गए। उन्होंने फिल्मों में कई यादगार किरदार निभाए जिनके लिए हंगल साहब को हमेशा याद किया जाएगा। 40 साल के करियर में एके हंगल ने करीब 225 फिल्मों में काम किया। उनकी एक फिल्म ऐसी नहीं है जिसमें हंगल ने अपनी छाप ना छोड़ी हो।
हिंदी सिनेमा के इतिहास में एके हंगल और उनका योगदान आज भी दर्ज है, लेकिन एक वक्त था जब उसी इंडस्ट्री ने हंगल साहब का साथ छोड़ दिया जब वो आर्थिक रूप से कमजोर हो गए।
ग्लैमर इंडस्ट्री का यही काला सच है। यहां लोग तभी तक आपको सिर-आंखों पर बिठाते हैं जब तक आप सूरज बनकर चमकते हैं, लेकिन जैसे ही ये सूरज चमकना बंद होता है तो उसे अर्श से फर्श पर फेंकने में भी देर नहीं लगाते। एके हंगल भी कुछ इसी तरह की पीड़ा का शिकार हुए थे।
जिस ए.के. हंगल ने हिंदी सिनेमा में इतिहास के नए पन्ने जोड़े उसी को एक ऐसा दौर देखना पड़ा जो किसी की भी रूह कंपा दे।

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