3 साल मोदी सरकार: सुषमा ने उपलब्धियां गिनाईं, ट्रंप के आरोप को नकारा

मोदी सरकार के 3 साल पूरा होने पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने मंत्रालय के कार्यों का लेखा-जोखा पेश किया। सुषमा स्वराज ने यूपीए के अंतिम 3 साल और मोदी सरकार के 3 साल के कार्यकाल की तुलना करते हुए दावा किया कि उनकी सरकार ने विदेशी फ्रंट से लेकर घरेलू मोर्चे तक शानदार काम किया। पैरिस समझौते से अलग होते वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की भारत विरुद्ध टिप्पणी को गलत बताते हुए सुषमा ने कहा कि भारत ने किसी लालच या दबाव में पैरिस समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए थे और हम इसका हिस्सा बने रहेंगे।शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) में नरेंद्र मोदी और नवाज शरीफ के बीच बैठक की संभावना पर उन्होंने कहा कि इसको लेकर दोनों पक्षों की ओर से कुछ भी तय नहीं है।

विदेशी मोर्चे से लेकर घरेलू विकास तक, सुषमा ने सफलता के किस्से बताए
सुषमा स्वराज ने कहा कि घरेलू विकास के कार्यक्रमों में पहली बार विदेश मंत्रालय सक्रिय भूमिका निभा रहा है। विदेशों में बसे भारतीयों की सुरक्षा हमारे दूतावासों की प्राथमिकता बन गई है। उन्होंने यूपीए के अंतिम 3 साल और मोदी सरकार के 3 साल के दौरान एफडीआई का उदाहरण देते हुए कहा कि इसमें रेकॉर्ड (35 फीसदी से अधिक) वृद्धि हुई।

प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा: सुषमा स्वराज ने कहा कि 3 साल के भीतर विदेश में फंसे 80 हजार लोगों को सुरक्षित भारत लाया गया। उन्होंने कहा कि अभी इसमें ऑपरेशन मैत्री (1 लाख 5 हजार लोग) और सऊदी से बचाए गए (करीब 80 हजार लोग) लोगों का आंकड़ा शामिल नहीं है। सुषमा ने इसके लिए पीएम मोदी की कूटनीति के साथ-साथ अपने दोनों सहयोगियों जनरल वीके सिंह और एमजे अकबर को क्रेडिट दिया। उन्होंने कहा कि फील्ड का काम हमारे मेजर (वीके सिंह) और बातचीत का काम हमारे पत्रकार (एमजे अकबर) ने बखूबी संभाला। मोदी ने आलोचकों को दिया जवाब: सुषमा
सुषमा स्वराज ने कहा, ‘जिस समय हमारी सरकार आई तो विदेश नीति के आलोचकों ने एक बात एक स्वर से कही थी कि अब पश्चिम एशिया विदेश नीति के फोकस से बाहर हो जाएगा क्योंकि उन्हें लगता था कि ज्यादातर मुस्लिम बहुल देश हैं जो मोदी की प्राथमिकता में नहीं रहेंगे। आज तुलना करें तो पाएंगे कि सबसे ज्यादा अच्छे रिश्ते पश्चिम एशिया के साथ हैं। सऊदी अरब ने पीएम को अपने सर्वोच्च सम्मान से नवाजा। आबू धाबी के प्रिंस हमारे 26 जनवरी के समारोह के मुख्य अतिथि बनकर आए। ये दोनों देश पाकिस्तान के मित्र देश माने जाते हैं फिर हमारे संबंधी बने।’

उन्होंने कहा कि दुनिया में परस्पर विरोधी देशों से भी भारत के रिश्ते अच्छे हैं। इसका उदाहरण सऊदी अरब और ईरान हैं। भारत दोनों का मित्र देश है, जबकि दोनों के संबंध खराब हैं। इस्राइल और फिलस्तीन दोनों से हमारे अच्छे देश हैं।

एच-1बी वीजा, पैरिस समझौता और ट्रंप की टिप्पणी पर दिया जवाब
सुषमा स्वराज ने अंत में पत्रकारों के सवाल पर एच-1बी वीजा, पैरिस समझौते पर ट्रंप की भारत विरोधी टिप्पणी पर भी जवाब दिया। सुषमा ने कहा, ‘ओबामा के कार्यकाल के दौरान जिस तेजी से संबंध बढ़ रहे थे उसी तेजी से ट्रंप के कार्यकाल में भी बढ़ रहे हैं। लगातार हमारे और उनके नेता संपर्क में हैं। ट्रंप प्रशासन भारत और अमेरिका के संबंधों को पारस्परिक लाभ का संबंध मान रहा है। एच-1बी वीजा के बारे में एक बात साफ कर दूं कि अभी तक स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।’

ट्रंप के बयान पर सुषमा ने कहा, ‘भारत ने पैरिस समझौते पर किसी के दबाव से हस्ताक्षर नहीं किया था। हमारी पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता के लिए हमने हस्ताक्षर किया। यह आज की प्रतिबद्धता नहीं है। हमारी प्रतिबदद्धता 5000 साल की है। यह भारतीय सांस्कृतिक धरोहर है। इसलिए कोई कहे कि दबाव या पैसे के लिए हस्ताक्षर किए तो मैं ये आरोप खारिज करती हूं। भारत पैरिस समझौते का हिस्सा बना रहेगा।’

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