71वां स्वतंत्रता दिवस: नेहरू से भी छोटे भाषण में लाल किले से PM मोदी ने कहीं 11 बड़ी बातें

आजादी की 70वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छोटा भाषण देने की अपनी बात पर कायम रहे। पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से सबसे लंबा भाषण देने के बाद पी.एम. मोदी ने इस साल अपना अब तक का सबसे छोटा भाषण दिया।
अब तक का सबसे छोटा भाषण
पिछले साल मोदी द्वारा दिया गया 96 मिनट का भाषण स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अब तक किसी प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया सबसे लंबा भाषण था लेकिन इस साल मोदी ने 57 मिनट के संबोधन में देशवासियों से अपनी बात कही। पिछले चार सालों में मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर दिया गया यह अब तक का सबसे छोटा भाषण था।
नेहरू ने दिया था 72 मिनट का भाषण
आपको बता दें कि पी.एम. मोदी से पहले देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने पहले स्वतंत्रता दिवस सामारोह में 15 अगस्त 1947 को 72 मिनट का भाषण दिया था। 71वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी गोरखपुर, तीन तलाक और कश्मीर जैसे हर बड़े मुद्दे पर बोले। अपने 55 मिनट के भाषण में पी.एम. मोदी ने ये 17 बड़ी बातें कही…
1- गोरखपुर
ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर मामले का जिक्र करते हुए दुख जाहिर किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों अस्पताल में मासूमों की मौत हो गई, इस संकट की कड़ी में सभी देशवासियों एक साथ हैं। ऐसे मामलों में संवेदनशील रहने की जरुरत है।
2- कृष्ण
इस दौरान पी.एम. मोदी ने बताया कि एकता में क्या शक्ति होती है। उन्होंने बताया कि भगवान कृष्ण ने इसी के जरिए गोवर्धन पर्वत उठाया, भगवान श्री राम इसी सामूहिकता शक्ति से सेतु बनाकर लंका पहुंच गए और महात्मा गांधी ने इसी सामूहिक ताकत से देश को आजाद करवाया। पी.एम. ने कहा कि 125 करोड़ देशवासियों में ना कोई छोटा है और ना ही कोई बड़ा है।
3- प्राकृतिक आपदा
पी.एम. ने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं कभी-कभी बहुत बड़ी चुनौती बन जाती हैं। अच्छी वर्षा देश को फलने-फूलने में बहुत योगदान देती हैं। लेकिन जलवायु परिवर्तन का नतीजा है लेकिन कभी इन आपदाओं से संकट भी पैदा होता है।
4- तीन तलाक
पी.एम. ने कहा, तीन तलाक के कारण कुछ महिलाओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। तीन तलाक से पीड़ित बहनों ने देश में आंदोलन खड़ा किया। तीन तलाक के खिलाफ आंदोलन चलाने वाली बहनों का मैं अभिनंदन करता हूं।
5- नोटबंदी
पी.एम. मोदी ने कहा, नोटबंदी के बाद 3 लाख करोड़ रुपए बैंकों में आएं। नोटबंदी के बाद कालेधन को मुख्यधारा में आना पड़ा। 3 साल में सवा लाख करोड़ से ज्यादा का कालाधन पकड़ा गया।
6- कश्मीर
लाल किले की प्राचीर से कश्मीर मुद्दे पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि न गाली से, न गोली से बल्कि गले लगाने से कश्मीर में बदलाव होगा। बहुत से कश्मीरी नौजवान मुख्यधारा में लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।
7- कालाधन और बेनामी संपत्ति
हमने कालेधन का कारोबार करने वाली 3 लाख शैल कंपनियों में से पौने दो लाख कंपनियों को बंद कर दिया। एक ही पते पर 400 कंपनियां चल रही थीं। नोटबंदी के कारण बैंकों के पास पैसा आया है, जिससे ब्याज दरें कम हो रही हैं। हमने कम समय में बेनामी संपत्ति पर कार्रवाई की, अभी तक 800 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है, जिससे लोगों को विश्वास मिला है।
8- न्यू इंडिया
मोदी बोले कि हम न्यू इंडिया बनाना चाहते हैं जो सुरक्षित हो, समृद्ध हो, शक्तिशाली हो। जहां सभी को समान अवसर मिलें, जहां आधुनिक विज्ञान का दबदबा हो। स्वतंत्रता संग्राम हमारी भावनाओं से जुड़ा है, आजादी के दौरान हर कोई देश की सेवा कर रहा था। परिवार में हर प्रकार के व्यजंन बनते हैं, जब वे व्यजंन भगवान के सामने जाते हैं तो प्रसाद बन जाते हैं। मोदी ने कहा कि हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता से ही 2022 में भारत का सपना न्यू इंडिया पूरा हो पाएगा।
9- जवानी की दहलीज पर 21वीं सदी
पी.एम. मोदी ने कहा कि हम सभी को उस बात को लेकर आगे चलना चाहिए कि आने वाले 2018 की 1 जनवरी सामान्य नहीं होगी। 21वीं शताब्दी में जन्मे नौजवानों के लिए यह वर्ष काफी महत्वपूर्ण होगा। क्योंकि वे 18 साल पूरा होने की दहलीज पर हैं, जो देश को आगे बढ़ाएंगे।
10- किसान
पी.एम. मोदी ने कहा कि इस बार फसल का रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है, हिंदुस्तान में कभी भी सरकार में दाल खरीदने की परम्परा नहीं थी। इस बार हमने सीधे किसानों से दाल खरीदी है। किसान को पानी पहुंचाने वाली 21 योजनाओं को पूरा किया जा चुका है।
11- सर्जिकल स्ट्राइक
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजाद भारत में देश की सुरक्षा की चिंता होती है, हमारी सेनाएं और सभी सुरक्षा एंजैंसियों ने हर मौके पर अपना कर्तब दिखाया, बलिदान करने में ये कभी पीछे नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई तब दुनिया ने हमारी ताकत को पहचाना।
PM मोदी ने किया था छोटा भाषण देने का वादा
पिछले महीने मन की बात कार्यक्रम में मोदी ने देशवासियों की सलाह पर इस बार स्वतंत्रता दिवस पर अपना संबोधन अधिक लंबा न करते हुए इसे संक्षिप्त रखने की बात कही थी। रेडियो पर प्रसारित मन की बात कार्यक्रम में मोदी ने कहा था कि उन्हें लोगों से मिल रहे पत्रों में कहा गया है कि स्वतंत्रता दिवस पर दिया जाने वाला उनका संबोधन ‘‘थोड़ा ज्यादा ही बड़ा’’ हो जाता है। इसके मद्देनजर उन्होंने इस साल छोटा भाषण देने का वादा किया था।
साल 2014 में दिया था 65 मिनट का भाषण
साल 2014 में मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में 65 मिनट का भाषण दिया था जबकि साल 2015 में उनके भाषण की अवधि 86 मिनट थी। इससे पहले मोदी के पूर्ववर्ती प्रधानमंत्रियों में डॉ मनमोहन सिंह ने अपने दस साल के कार्यकाल में स्वतंत्रता दिवस के संबोधन की समयसीमा लगभग 50 मिनट तक सीमित रखी थी। जबकि उनके पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के स्वतंत्रता दिवस के संबोधन की अवधि 30 से 35 मिनट तक रहती थी।

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