BCCI-PCB बना रहे खेलने का प्लान, सरकार बोली- हमसे तो पूछो

नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में क्रिकेट की बड़ी अहमियत रही है। कई बार रिश्तों की जमी बर्फ को पिघलाने के लिए दोनों टीमों को मैदान पर उतारा गया है। मौजूदा दौर में भी दोनों देशों के संबंध अच्छे नहीं हैं, लेकिन भारत सरकार का मूड क्रिकेट डिप्लोमेसी के पक्ष में नजर नहीं आ रहा है। मोदी सरकार में युवा एवं खेल मामलों के मंत्री विजय गोयल के बयान से तो ऐसा ही लगता है।

दरअसल, सोमवार को दुबई में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के पदाधिकारियों की बैठक हो रही है। एजेंडा यही है कि क्या दोनों देशों में बीच क्रिकेट सीरीज खेली जा सकती है और यदि हां, तो कैसे और कहां?

इस बैठक के बारे में जब दिल्ली में विजय गोयल से पूछा गया तो उन्होंने दो टूक कहा कि बीसीसीआई को सरकार से बात करने के बाद ही पीसीबी को कोई प्रस्ताव देना चाहिए। आतंकवाद और खेल साथ-साथ नहीं चल सकते।

मालूम हो, कश्मीर में तनाव लगातार बढ़ रहा है। भारत जहां पाकिस्तान पर आतंकवाद फैलाने का आरोप लगा रहा है, वहीं पाकिस्तान का कहना है कि भारतीय सेना कश्मीरी लोगों पर आत्याचार कर रही है। हालांकि इस तनातनी के बीच अगले महीने चैंपियंस ट्रॉफी में भारत और पाकिस्तान का मैच होना है। आगामी 4 जून को इंग्लैंड में यह मुकाबला खेला जाएगा।

भारत-पाक सीरीज के लिए पीसीबी ज्यादा उतावला हो रहा है। उसके पदाधिकारी कई बार बीसीसीआई के आगे ‘गुहार’ लगा चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, आतंकवाद का गढ़ बन चुके पाक में कोई बड़ा देश क्रिकेट खेलने को तैयार नहीं है। इसके चलते पीसीबी की आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। पीसीबी का मानना है कि एक भारत-पाक सीरीज उसकी दरिद्रता को दूर कर सकती है।

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