CPEC पर अपने ही बयान से पलटा चीन, PAK के दबाव में उठाया कदम!

चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (CPEC) पर अपने रुख से चीन ने पलट गया है. शुक्रवार को भारत में चीनी राजदूत ने सीपीईसी का नाम बदलने की संभावना जताई थी, लेकिन अब चीनी एंबेसी की वेबसाइट से उनके उस बयान को हटा दिया गया है.

पाकिस्तान के प्रेशर में उठाया कदम!
बताया जा रहा है कि चीनी राजदूत लुओ झाओहुई का बयान भारतीय मीडिया में छपने के बाद पाकिस्तान में इसका असर दिखा. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक पाकिस्तान सरकार ने ये मसला चीन के सामने उठाया. जिसके बाद चीनी एंबेसी की वेबसाइट से राजदूत का बयान ही एडिट कर दिया गया.

पाकिस्तान मीडिया ने क्या छापा?
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक लुओ झाओहुई के बयान के बाद पाकिस्तान सरकार तुरंत हरकत में आ गई. इसके बाद योजना और विकास मंत्रालय ने इस्लामाबाद में चीनी एंबेसी को इस बारे में लेटर लिखा. हालांकि एक चैनल पर ये खबर प्रसारित की गई कि पाकिस्तान अभी इस मसले पर चीन के जवाब का इंतजार कर रहा है.

शुक्रवार को दिया था बयान
भारत में चीन के राजदूत लुओ झाओहुई ने शुक्रवार को कहा था कि सीपीईसी के मसले पर चीन भारत के हितों को ध्यान में रखता है. साथ ही पाकिस्तान से उसके विवाद का हिस्सा बनने का उसका कोई इरादा नहीं है. लुओ ने ये भी कहा था कि, ‘चीन कॉरिडोर का नाम बदलने की भी सोच सकता है.’

क्या है मामला?
चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर यानी सीपीईसी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से गुजरता है. पीओके के नियंत्रण को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद लंबा है. पीओके और वहां से गुजरने वाले आर्थिक कॉरिडोर को लेकर भारत लगातार अपनी असहमति जताता रहा है.

साथ ही चीन के 46 अरब डॉलर की लागत वाले वन बेल्ट वन रोड का भी भारत कड़ा विरोध करता रहा है. यह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जा रहा है.

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