इन तीन वजहों से तीसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी जीत सकती है टीम इंडिया

चैंपियंस ट्रॉफी यानी क्रिकेट का मिनी वर्ल्ड कप को शुरू होने में महज चंद घंटे बचे हैं. ‘विराट सेना’ का दो अभ्यास मुकाबलों में जैसा प्रदर्शन रहा है , उससे एक बात पूरी तरह से साफ है कि इस डिफेंडिंग चैंपियन का दावा बेहद मजबूत है  और वैसे भी इंग्लैंड की धरती भारतीय क्रिकेट टीम को खूब रास आती रही है. इंग्लैंड की जमीन पर भारतीय क्रिकेट टीम ने जीत की गई बड़ी इबारतें लिखी हैं.

इंग्लैंड की धरती पर जीता पहला वर्ल्ड कप
कपिल देव की अगुवाई में भारतीय टीम ने अपना पहला वर्ल्ड कप इंग्लैंड की धरती पर ही 1983 में जीता था. फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने क्रिकेट के बेताज बादशाह वेस्टइंडीज को हराकर वर्ल्ड चैंपियन का खिताब हासिल किया था. इस महाविजय ने भारतीय क्रिकेट की तस्वीर ही बदल कर रख दी.

नेटवेस्ट सीरीज में इंग्लैंड को दी मात
2002 की नेटवेस्ट सीरीज का फाइनल भला कौन भूल सकता है. सौरव गांगुली की अगुवाई में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को एक रोमांचक मुकाबले में उसी धरती पर हराकर फाइनल के खिताब पर कब्जा जमाया था. क्रिकेट का मक्का लॉर्ड्स में इंग्लैंड ने भारत के सामने जीत के लिए 325 रन का विशाल स्कोर खड़ा रखा था और भारत के पांच विकेट महज 146 रन पर ही गिर गए थे. लेकिन युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ ने शानदार बल्लेबाज कर टीम इंडिया को जीत दिलाने में बेहद हम रोल निभाया था.

धोनी की कप्तानी में जीती चैंपियंस ट्रॉफी
महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया. इस जीत के साथ ही धोनी दुनिया के पहले ऐसे कप्तान बने, जिन्होंने आईसीसी की तीन बड़ी टॉफी अपने नाम की. अब बारी विराट कोहली की है जिनके कंधों पर खिताब की रक्षा करने की जिम्मेदारी है. मौजूदा प्रदर्शन को देखते हुए टीम इंडिया खिताब जीतने का मद्दा रखती है. ऐसे में  फैंस को बेसब्री से इंतजार है विराट कोहली के हाथों में चमचमाती ट्रॉफी देखने का.

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