Saturday, May 18, 2024

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चेन्‍नई में जन्‍मा बॉलर ले चुका T20 वर्ल्‍डकप में हैट्रिक, एक बॉलर ने तो लिए हैं चार गेंद पर 4 विकेट

नई दिल्‍ली. ज्‍यादातर टीमों के ऐलान के साथ ही ICC T20 वर्ल्‍डकप 2024 (ICC T20 World Cup 2024) के लिए ‘काउंटडाउन’ शुरू हो चुका है. 26 मई को IPL 2024 का फाइनल होते ही टी20 वर्ल्‍डकप का खुमार क्रिकेटप्रेमियों के सर चढ़ने लगेगा. वेस्टइंडीज और अमेरिका की संयुक्‍त मेजबानी में होने वाले T20 वर्ल्‍डकप का आगाज 1 जून 2024 को अमेरिका और कनाडा के मुकाबले से होगा जबकि फाइनल 29 जून को खेला जाएगा. टूर्नामेंट में इस बार 20 टीमें हिस्‍सा ले रही हैं जिन्‍हें पांच-पांच टीमों के चार ग्रुप में बांटा गया है. टीम इंडिया को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्‍तान के साथ ग्रुप ‘ए’ में रखा गया है. इन दोनों टीमों का मुकाबला 9 जून को न्‍यूयॉर्क में खेला जाएगा.

बता दें, टी20I का आगाज 17 फरवरी 2005 को ऑकलैंड में न्‍यूजीलैंड और ऑस्‍ट्रेलिया के मैच से हुआ था. इस फॉर्मेट का पहला वर्ल्‍डकप 2007 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित किया गया था जिसमें टीम इंडिया ने चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था. अब तक 8 बार टूर्नामेंट आयोजित हो चुका है. वेस्‍टइंडीज और इंग्‍लैंड की टीम दो-दो बार चैंपियन बनी हैं जबकि भारत, पाकिस्‍तान, श्रीलंका और ऑस्‍ट्रेलिया ने एक-एक बार विजेता ट्रॉफी पर कब्‍जा किया है. टी20I के अब तक इतिहास में अब तक 58 बार लगातार तीन गेंदों पर विकेट यानी हैट्रिक ले चुके है. श्रीलंका के लसिथ मलिंगा, न्यूजीलैंड के टिम साउदी, सर्बिया के मार्क पावलोविच और माल्टा के वसीम अब्बास ने टी20I में दो-दो बार हैट्रिक ली है.

टी20 वर्ल्‍डकप की बात करें तो इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में अब तक छह बॉलर ही ‘तिकड़ी’ ले सके हैं. ऑस्‍ट्रेलिया के ब्रेट ली टी20I में सबसे पहले हैट्रिक लेने वाले बॉलर बने थे, उन्‍होंने 2007 के टी20 वर्ल्‍डकप में बांग्‍लादेश के खिलाफ यह कारनामा अंजाम दिया था. ब्रेट ली के बाद से आयरलैंड के दो तथा श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका और यूएई का एक-एक बॉलर टी20 वर्ल्‍डकप में हैट्रिक ले चुका है. भारत, न्‍यूजीलैंड व पाकिस्‍तान के अलावा दो बार की चैंपियन इंग्‍लैंड और वेस्‍टइंडीज जैसी दिग्‍गज टीमों का कोई बॉलर अब तक टी20 वर्ल्‍डकप में हैट्रिक नहीं ले पाया है. टीम इंडिया का कोई बॉलर अब तक टी20 वर्ल्‍डकप में हैट्रिक नहीं ले पाया है लेकिन भारत में जन्‍मा एक खिलाड़ी दूसरे देश की टीम की ओर से खेलते हुए यह उपलब्धि हासिल कर चुका है.

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