Saturday, May 18, 2024

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बिहार के वाल्मीकिनगर में रोचक हुई जंग, असम के सांसद नबा सरानिया ने किया नामांकन, रह चुके हैं उल्फा के कमांडर – News18 हिंदी

पश्चिमी चंपारण. बिहार की सियासत में एक नए राजनेता की एंट्री ने सबको चौंका दिया. असम के कोकराझार से दो बार के निर्दलीय सांसद नबा सरानिया ने इस बार वाल्मीकिनगर संसदीय क्षेत्र से अपना नामांकन किया है. गण सुरक्षा पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष नबा सरानिया सोमवार को अचानक कलेक्ट्रेट पहुंचे और नामांकन दाखिल कर दिया. इस सीट पर उनका मुकाबला जदयू के सुनील कुमार और राजद के दीपक यादव से होगा. पहले ही कांग्रेस के बागी प्रवेश मिश्र, एनडीए के बागी दिनेश अग्रवाल निर्दलीय नामांकन कर चुके है. थारू आदिवासी बाहुल्य इस सीट पर सरानिया के नामांकन के बाद मुकाबला दिलचस्प हो गया है.

असम से बिहार के बेतिया समाहरणालय में नामांकन करने पहुंचे सांसद नबा सरानिया ने बताया कि असम में कुछ तकनीकी कारणों से उनका नामांकन रद्द हो गया था. वाल्मीकिनगर से चुनाव लड़ने का उद्देश्य आदिवासी, पिछडा, अतिपिछड़ा, अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए कार्य करना, उनको आगे बढाना व सोशल पहचान दिलाना है. नबा सरानिया ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी जाकर चुनाव लड़ सकते है तो मैं वाल्मीकिनगर से क्यों नहीं लड़ सकता हूं. अगर जीत होगी तो सभी वर्गों के विकास का काम करूंगा.

जानकारी के मुताबिक सरानिया असम के उल्फा की 709 बटालियन के कमांडर रह चुके है. असम के बक्सा जिले के दिघलीपार गांव के रहनेवाले नबा ने 1990 में संगठन ज्वाइन किया था. 20 अगस्त 2012 को गुवाहाटी पुलिस ने तीन अन्य लोगों के साथ लूट, किडनैप और मर्डर के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया था. बाद के दिनों में उन्होंने संगठन को छोड़कर राजनीति को अपना करियर बना लिया।

FIRST PUBLISHED : May 7, 2024, 12:14 IST

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