रोम में मेलानिया ट्रंप ने ढंका सिर तो सऊदी अरब में क्यों नहीं? उठे सवाल

बुधवार को पोप फ्रांसिस के साथ ट्रम्प की मीटिंग के दौरान, मेलानिया ट्रंप ने काले रंग का लंबी बाजू की एक ड्रेस पहनी थी. साथ ही उन्होंने अपना सर भी ढ़का हुआ था. बता दें कि इससे पहले कई महिलाओं ने भी पोप के साथ मीटिंग के दौरान ऐसे कपड़े पहने थे. मिटिंग के दौरान ट्रम्प की बेटी, इवंका ट्रम्प सहित उपस्थित अन्य महिलाओं ने भी इसी तरह के कपड़े पहने हुऐ थे. साथ ही सर पर काला कपड़ा ढ़का था.

ये थोड़ी चौकाने वाली बात है कि वेटिकन में मेलानिया ने अपना सर ढ़का जबकि इससे पहले जब वो मुस्लिम देश सऊदी अरब गई तो उन्होंने स्कार्फ नहीं पहना. सोशल मीडिया पर ऐसे सवाल उठ रहे है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया.

उनकी प्रवक्ता ने स्टेफ़नी ग्रिशम ने एक ईमेल में लिखा कि मेलानिया वेटिकन प्रोटोकॉल को फॉलो कर रही थी. बैठक में जितनी भी महिला थी उन सब ने लंबी आस्तीन के काले कपड़े और सिर को कवर करने के लिए स्कार्फ पहना था. सऊदी में उसकी जरूरत नहीं थी तो उन्होंने नहीं पहना.

पहले भी कई महिलाओं ने नहीं पहने स्कार्फ
जब महारानी एलिजाबेथ II पहले वेटिकन का दौरे किए थे तो अपने मुकुट के नीचे कई बार स्कार्फ और ब्लैक ड्रेस पहना था. लेकिन 2014 के दौरे में, उन्होंने एक परपल ड्रेस और टोपी पहनती थी. मिशेल ओबामा ने 2015 में जब पोप से वाशिंगटन, डीसी में हवाई अड्डे पर मिली थी तो उन्होंने नीले रंग की ड्रेस पहनी थी. सऊदी अरब में, मुस्लिम महिलाओं को स्कार्फ पहनना जरूरी होता है, लेकिन विदेशियों को उस ड्रेस कोड का पालन करने की आवश्यकता नहीं है. कुछ प्रमुख महिलाओं ने सऊदी अरब के आधिकारिक दौरे के लिए स्कार्फ पहना है और कुछ महिलाओं ने नहीं. मेलानिया ट्रम्प की तरह, इससे पहले गई हिलेरी क्लिंटन और लौरा बुश ने भी स्कार्फ पहने बिना देश का दौरा किया.

मेलानिया का दौरा धार्मिक नहीं था
जेन हैम्पटन कुक ने कहा कि सऊदी के दौरे के दौरान मेलानिया ट्रंप ने स्कार्फ नहीं पहना था, लेकिन उसने हाथों और पैरों को पूरी तरह से ढंके हुए कपड़े पहने थे. मेलानिया की यात्रा धार्मिक नेताओं या मंदिर के लिए नहीं थी. उसने कहा कि सऊदी में महिलाए सर कवर करते हुए कपड़े पहने हैं. जबकि दुनिया में ऐसी बहुत मुस्लिम महिलाएं है जो ऐसा नहीं करती.

मिशेल के सर ना ढ़कने की गई थी अलोचना
जब मिशेल ओबामा के 2015 के दौरे के दौरान जब उन्होंने अपना सर ढ़कने से मना किया था तो था उसे एक बोल्ड राजनीतिक बयान कहा गया था. उस समय, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्वीट करके मिशेल के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि, बहुत से लोग यह कह रहे हैं कि श्रीमती ओबामा ने सऊदी अरब में एक दुपट्टा पहनने से मना कर दिया, यह उनका अपमान था. हाटे हिजाब के सीईओ मेलानी एल्टर्क ने कहा है कि स्कार्फ को अलग-अलग लोगों द्वारा ग़लत समझाया गया है और इसे ज्यादा राजनीतिक मुद्दा बना दिया गया है. इसे गलत तरीके से पेश किया गया है.

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