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Aaj Ka Shabd Dinkar Suryakant Tripathi Nirala Poem Yamini Jagi – आज का शब्द: दिनकर और सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविता- यामिनी जागी

                
                                                                                 
                            

'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- दिनकर, जिसका अर्थ है- सूर्य। प्रस्तुत है सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविता- यामिनी जागी 

(प्रिय) यामिनी जागी।
अलस पंकज-दृग अरुण-मुख—
तरुण-अनुरागी।

खुले केश अशेष शोभा भर रहे,
पृष्ठ-ग्रीवा-बाहु-उर पर तर रहे;
बादलों में घिर अपर दिनकर रहे,
ज्योति की तन्वी, तड़ित—
द्युति ने क्षमा माँगी।

हेर उर-पट फेर मुख के बाल,
लख चतुर्दिक चली मंद मराल,
गेह में प्रिय-स्नेह की जय-माल,
वासना की मुक्ति, मुक्ता
त्याग में तागी।

21 minutes ago


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