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Air Force Personnel Killing Case: Jammu Tada Court Issues Production Warrant Against Yasin Malik – वायु सैनिक हत्या मामला: टाडा कोर्ट ने यासीन मलिक के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट किया जारी, अगली सुनवाई 22 दिसंबर को

YASIN MALIK
– फोटो : File Photo

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जम्मू के टाडा कोर्ट ने बुधवार को 1990 में भारतीय वायु सैनिकों की हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए आतंकी एवं अलगावादी नेता यासीन मलिक के पेशी वारंट जारी किया है। मामले में अगली सुनवाई 22 दिसंबर को होगी। सीबीआई की वकील मोनिका कोहली ने जानकारी दी है।

बता दें, 25 जनवरी 1990 को श्रीनगर शहर में वायु सेना कर्मियों की हत्या की वारदात हुई थी। वायु सेना के पांच जवानों की आतंकियों ने हत्या कर दी थी। इस केस की सुनवाई जम्मू के टाडा कोर्ट में चल रही है। मामले में शामिल अलगाववादी नेता यासीन मलिक अब आतंकी फंडिंग मामले में तिहाड़ जेल में सजा काट रहा है।

यासीन को एनआईए की विशेष अदालत ने इस साल 25 मई को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।  यासीन को दो मामलों में उम्रकैद और 10 मामलों में 10 साल सजा सुनाई गई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इसके अलावा उस पर 10 लाख रुपए जुर्माना भी लगाया गया था।

कल रुबिया सईद अपहरण मामले में होगी सुनवाई

साल 1989 में पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी एवं महबूबा मुफ्ती की बहन रुबिया सईद के अपहरण मामले में भी यासीन आरोपी है। इस मामले की 24 नवंबर को जम्मू के टाडा कोर्ट में सुनवाई होनी है। 1989 में घर लौटते वक्त रूबिया का अपहरण कर लिया गया था। इसके बदले यासीन के संगठन ने पांच आतंकियों को छोड़ने की मांग रखी। सरकार ने इस मांग को मानते हुए पांचों आतंकियों को छोड़ दिया था, लेकिन इसके बाद इस मामले की जांच शुरू की गई और जांच सीबीआई को सौंपी गई। सीबीआई ने जांच करने के दोनों मामलों में आरोपपत्र दायर किया है। दोनों मामलों की सुनवाई मामला जम्मू के टाडा कोर्ट में हो रही है।

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जम्मू के टाडा कोर्ट ने बुधवार को 1990 में भारतीय वायु सैनिकों की हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए आतंकी एवं अलगावादी नेता यासीन मलिक के पेशी वारंट जारी किया है। मामले में अगली सुनवाई 22 दिसंबर को होगी। सीबीआई की वकील मोनिका कोहली ने जानकारी दी है।

बता दें, 25 जनवरी 1990 को श्रीनगर शहर में वायु सेना कर्मियों की हत्या की वारदात हुई थी। वायु सेना के पांच जवानों की आतंकियों ने हत्या कर दी थी। इस केस की सुनवाई जम्मू के टाडा कोर्ट में चल रही है। मामले में शामिल अलगाववादी नेता यासीन मलिक अब आतंकी फंडिंग मामले में तिहाड़ जेल में सजा काट रहा है।

यासीन को एनआईए की विशेष अदालत ने इस साल 25 मई को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।  यासीन को दो मामलों में उम्रकैद और 10 मामलों में 10 साल सजा सुनाई गई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इसके अलावा उस पर 10 लाख रुपए जुर्माना भी लगाया गया था।

कल रुबिया सईद अपहरण मामले में होगी सुनवाई

साल 1989 में पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी एवं महबूबा मुफ्ती की बहन रुबिया सईद के अपहरण मामले में भी यासीन आरोपी है। इस मामले की 24 नवंबर को जम्मू के टाडा कोर्ट में सुनवाई होनी है। 1989 में घर लौटते वक्त रूबिया का अपहरण कर लिया गया था। इसके बदले यासीन के संगठन ने पांच आतंकियों को छोड़ने की मांग रखी। सरकार ने इस मांग को मानते हुए पांचों आतंकियों को छोड़ दिया था, लेकिन इसके बाद इस मामले की जांच शुरू की गई और जांच सीबीआई को सौंपी गई। सीबीआई ने जांच करने के दोनों मामलों में आरोपपत्र दायर किया है। दोनों मामलों की सुनवाई मामला जम्मू के टाडा कोर्ट में हो रही है।




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