Editor’s Pick

Gwalior Police Solved 1.2 Crore Robbery Case In Six Hours, Workers Were Involved In The Case – Gwalior News: छह घंटे में सुलझा लिया दिनदहाड़े 1.20 करोड़ रुपये की लूट का मामला, कर्मचारी शामिल थे साजिश में

ग्वालियर में 1.2 करोड़ रुपये की लूट का खुलासा पुलिस ने छह घंटे में कर दिया।
– फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

ग्वालियर में सोमवार को शहर में दिनदहाड़े हुई 1.20 करोड़ रुपए की लूट में पुलिस छह घंटे में ही खुलासा कर दिया है। कंपनी के एक कर्मचारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की प्लानिंग की थी। पुलिस ने लुटेरों सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूरा पैसा भी बरामद कर लिया है। एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।

दरअसल, हर सप्ताह यही दोनों कर्मचारी मोटी रकम लेकर कंपनी दफ्तर से बैंक जाते थे, लेकिन बार-बार इतनी रकम ले जाने पर इनकी नीयत डोल गई। इसके बाद इन्होंने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर शहर की सबसे बड़ी लूट की प्लानिंग कर उसे अंजाम तक पहुंचाया। सीसीटीवी फुटेज में विरोध न करना और बीच बाजार में आराम से लुट जाने पर पुलिस को संदेह हुआ। लूट की कहानी बार-बार पूछी तो कर्मचारी टूट गया और उसने पूरी कहानी सुना दी। फिर पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। 

जानिए कैसे रची गई साजिश
मेहताब सिंह गुर्जर ट्रांसपोर्टर हैं। उनका डीडी नगर में हरेन्द्र ट्रेडिंग नाम से कंपनी का दफ्तर है। इस कंपनी में बाल किशन साहू भी साझेदार हैं। यहां प्रमोद गुर्जर व सुनील शर्मा कर्मचारी हैं। सोमवार सुबह कंपनी के कर्मचारी, कंपनी की कार हुंडई वरना MP07 CF-6430 से इंदरगगंज बैंक ऑफ बडौदा के लिए निकले थे। डिक्की में रुपयों से भरा कार्टन रखा, जिसमें 1.20 करोड़ रुपये थे। 30 लाख रुपये कार की सीट पर एक बैग में रखे थे। यह दो दिन शनिवार और रविवार का कलेक्शन था। सोमवार दोपहर में जैसे ही यह कर्मचारी बैंक के पास छप्परवाला पुल से राजीव प्लाजा वाली गली में पहुंचे, तभी वहां दो लुटेरों ने कट्टा अड़ाकर कार की डिक्की खुलवाई और रुपयों से भरा कार्टन लूटकर ले गए।

नंगे पैर एसपी ऑफिस पहुंचे मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर
पुलिस के खुलासे के बाद ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर नंगे पैर एसपी ऑफिस पहुंचे। उन्होंने पुलिसकर्मियों को सम्मान के तौर पर एक-एक हजार रूपये का नगद पुरस्कार दिया है। 

लूट से पहले किया था घटनास्थल का निरीक्षण 
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया है कि उन्होंने लूट से पहले घटनास्थल का पूरा निरीक्षण कर लूट की रिहर्सल की थी। इसके बाद उन्होंने लूट की इस घटना को अंजाम दिया है। लूटी गई रकम का हिस्सा करके आरोपी भाग पाते इससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। 

विस्तार

ग्वालियर में सोमवार को शहर में दिनदहाड़े हुई 1.20 करोड़ रुपए की लूट में पुलिस छह घंटे में ही खुलासा कर दिया है। कंपनी के एक कर्मचारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की प्लानिंग की थी। पुलिस ने लुटेरों सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूरा पैसा भी बरामद कर लिया है। एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।

दरअसल, हर सप्ताह यही दोनों कर्मचारी मोटी रकम लेकर कंपनी दफ्तर से बैंक जाते थे, लेकिन बार-बार इतनी रकम ले जाने पर इनकी नीयत डोल गई। इसके बाद इन्होंने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर शहर की सबसे बड़ी लूट की प्लानिंग कर उसे अंजाम तक पहुंचाया। सीसीटीवी फुटेज में विरोध न करना और बीच बाजार में आराम से लुट जाने पर पुलिस को संदेह हुआ। लूट की कहानी बार-बार पूछी तो कर्मचारी टूट गया और उसने पूरी कहानी सुना दी। फिर पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। 

जानिए कैसे रची गई साजिश

मेहताब सिंह गुर्जर ट्रांसपोर्टर हैं। उनका डीडी नगर में हरेन्द्र ट्रेडिंग नाम से कंपनी का दफ्तर है। इस कंपनी में बाल किशन साहू भी साझेदार हैं। यहां प्रमोद गुर्जर व सुनील शर्मा कर्मचारी हैं। सोमवार सुबह कंपनी के कर्मचारी, कंपनी की कार हुंडई वरना MP07 CF-6430 से इंदरगगंज बैंक ऑफ बडौदा के लिए निकले थे। डिक्की में रुपयों से भरा कार्टन रखा, जिसमें 1.20 करोड़ रुपये थे। 30 लाख रुपये कार की सीट पर एक बैग में रखे थे। यह दो दिन शनिवार और रविवार का कलेक्शन था। सोमवार दोपहर में जैसे ही यह कर्मचारी बैंक के पास छप्परवाला पुल से राजीव प्लाजा वाली गली में पहुंचे, तभी वहां दो लुटेरों ने कट्टा अड़ाकर कार की डिक्की खुलवाई और रुपयों से भरा कार्टन लूटकर ले गए।

नंगे पैर एसपी ऑफिस पहुंचे मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर

पुलिस के खुलासे के बाद ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर नंगे पैर एसपी ऑफिस पहुंचे। उन्होंने पुलिसकर्मियों को सम्मान के तौर पर एक-एक हजार रूपये का नगद पुरस्कार दिया है। 

लूट से पहले किया था घटनास्थल का निरीक्षण 

पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया है कि उन्होंने लूट से पहले घटनास्थल का पूरा निरीक्षण कर लूट की रिहर्सल की थी। इसके बाद उन्होंने लूट की इस घटना को अंजाम दिया है। लूटी गई रकम का हिस्सा करके आरोपी भाग पाते इससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। 




Source link

Related Articles

Back to top button