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India France Defense Talks From Today And Rajnath Singh Will Co Chair – India-france: भारत-फ्रांस रक्षा वार्ता आज से, राजनाथ सिंह करेंगे सह-अध्यक्षता

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
– फोटो : पीटीआई

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने फ्रांसिसी समकक्ष सबैस्टीन लेकॉर्नु के साथ भारत-फ्रांस सालाना रक्षा वार्ता की सह- अध्यक्षता करेंगे। अहम वार्ता 26 से 28 नवंबर के दौरान दिल्ली में होगी। इस दौरान रफेल के भविष्य के सौदे, सामरिक साझेदारी और द्वीपक्षीय संबंधों समेत कई अहम मुद्दों पर फैसले लिए जाएंगे।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक फ्रांसिसी रक्षा मंत्री लेकॉर्ने की यह पहली भारत यात्रा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल से भी वह अलग से मुलाकात करेंगे। फ्रांस ने भारत के पहले स्वदेशी निर्मित एयर क्राफ्ट करियर आईएनए विक्रांत में खासी दिलचस्पी दिखाई है। लेकॉर्नु विक्रांत का दौरा करने कोच्ची स्थित दक्षिण नौसेना कमान भी जाएंगे। फ्रांस भारत के साथ 1998 से रणनीतिक साझेदार है। दोनों देश रक्षा और हथियार-साजोसामान में भी सहयोगी है।

दुनिया सभी के लिए सुरक्षित और न्यायपूर्ण हो
दिल्ली में इंडो-पैसेफिक रीजनल डायलॉग-2022 के दौरान शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि हम एक बेहतर दुनिया का निर्माण करें। यह दुनिया सभी के लिए सुरक्षित और न्यायपूर्ण हो। राजनाथ सिंह ने कहा, भारतीय दार्शनिकों ने हमेशा मानव समुदाय को राजनीतिक सीमाओं से परे माना है। 

उन्होंने कहा, मेरा विश्वास है कि सुरक्षित दुनिया एक सामूहिक प्रयास बन जाती है तो हम एक ऐसी वैश्विक व्यवस्था बनाने के बारे में सोच सकते हैं, जो सभी के लिए लाभदायक हो। राजनाथ ने आगे कहा,  कई प्लेटफार्मों और एजेंसियों के माध्यम से वैश्विक समुदाय इस दिशा में काम कर रहा है और आगे बढ़ रहा है। इसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सबसे आगे है। 

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, उन्होंने कहा कि मेरा दृढ़ विश्वास है कि अगर सुरक्षा सही अर्थों में सामूहिक उद्यम बन जाती है, तब हम एक ऐसी विश्व व्यवस्था तैयार करने के बारे में सोच सकते हैं, जो हम सभी के लिए लाभदायक हो। रक्षा मंत्री ने कहा कि अब हमें सामूहिक सुरक्षा के दायरे से ऊपर उठकर साझे हित और साझी सुरक्षा के स्तर पर जाने की जरूरत है।

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने फ्रांसिसी समकक्ष सबैस्टीन लेकॉर्नु के साथ भारत-फ्रांस सालाना रक्षा वार्ता की सह- अध्यक्षता करेंगे। अहम वार्ता 26 से 28 नवंबर के दौरान दिल्ली में होगी। इस दौरान रफेल के भविष्य के सौदे, सामरिक साझेदारी और द्वीपक्षीय संबंधों समेत कई अहम मुद्दों पर फैसले लिए जाएंगे।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक फ्रांसिसी रक्षा मंत्री लेकॉर्ने की यह पहली भारत यात्रा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल से भी वह अलग से मुलाकात करेंगे। फ्रांस ने भारत के पहले स्वदेशी निर्मित एयर क्राफ्ट करियर आईएनए विक्रांत में खासी दिलचस्पी दिखाई है। लेकॉर्नु विक्रांत का दौरा करने कोच्ची स्थित दक्षिण नौसेना कमान भी जाएंगे। फ्रांस भारत के साथ 1998 से रणनीतिक साझेदार है। दोनों देश रक्षा और हथियार-साजोसामान में भी सहयोगी है।

दुनिया सभी के लिए सुरक्षित और न्यायपूर्ण हो

दिल्ली में इंडो-पैसेफिक रीजनल डायलॉग-2022 के दौरान शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि हम एक बेहतर दुनिया का निर्माण करें। यह दुनिया सभी के लिए सुरक्षित और न्यायपूर्ण हो। राजनाथ सिंह ने कहा, भारतीय दार्शनिकों ने हमेशा मानव समुदाय को राजनीतिक सीमाओं से परे माना है। 

उन्होंने कहा, मेरा विश्वास है कि सुरक्षित दुनिया एक सामूहिक प्रयास बन जाती है तो हम एक ऐसी वैश्विक व्यवस्था बनाने के बारे में सोच सकते हैं, जो सभी के लिए लाभदायक हो। राजनाथ ने आगे कहा,  कई प्लेटफार्मों और एजेंसियों के माध्यम से वैश्विक समुदाय इस दिशा में काम कर रहा है और आगे बढ़ रहा है। इसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सबसे आगे है। 

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, उन्होंने कहा कि मेरा दृढ़ विश्वास है कि अगर सुरक्षा सही अर्थों में सामूहिक उद्यम बन जाती है, तब हम एक ऐसी विश्व व्यवस्था तैयार करने के बारे में सोच सकते हैं, जो हम सभी के लिए लाभदायक हो। रक्षा मंत्री ने कहा कि अब हमें सामूहिक सुरक्षा के दायरे से ऊपर उठकर साझे हित और साझी सुरक्षा के स्तर पर जाने की जरूरत है।




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