Wednesday, April 17, 2024

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India-Pakistan Relations Why Bharat is worried with Pak buying Weapons from IMF Loans Know details

India-Pakistan Relations: भारत ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में पाकिस्तान को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. भारत ने आर्थिक संकट से गुजर रहे पाकिस्तान को आईएमएफ की ओर से मिलने वाले किसी भी आपातकालीन फंड या लोन की कड़ी निगरानी की वकालत की है. भारत ने इस बात पर जोर दिया है कि इस तरह के धन को डिफेंस बिलों (रक्षा सौदों), हथियारों की खरीद या अन्य देशों से ऋणों के पुनर्भुगतान के लिए दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

पिछले साल जुलाई में पाकिस्तान को आईएमएफ की ओर से दिए गए 3 अरब डॉलर के अल्पकालिक स्टैंड-बाय अरेंजमेंट (एसबीए) की हालिया समीक्षा के दौरान आईएमएफ के कार्यकारी निदेशक कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड के सामने भारत का रुख पेश किया था. भारत आमतौर पर पाकिस्तान की ओर से मांगे गए लोन पर मतदान से दूर रहता है और पिछले साल जुलाई में जब एसबीए को मंजूरी दी गई थी तब भी उसने ऐसा ही किया था.

भारत सरकार की अपील के बाद जताई गई आपत्ति

इस साल जनवरी के बीच में जब बोर्ड ने लोन की समीक्षा की तो भारत के प्रतिनिधि ने फिर से मतदान में भाग नहीं लिया, जिसके बाद आईएमएफ ने पाकिस्तान को 700 मिलियन डॉलर की किश्त जारी की. हालांकि, इस बार भारत सरकार ने कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम से अनुरोध किया कि वे आईएमएफ बोर्ड को पाकिस्तान की ओर से आईएमएफ धन के उपयोग पर नियंत्रण और संतुलन स्थापित करने और कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने की जरूरत के बारे में बताएं.

भारत ने IMF के कार्यकारी बोर्ड पर दिया जोर

एक्सपर्ट बताते हैं कि इस तरह की निगरानी यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है कि विकास अनिवार्यताओं को पूरा करने के लिए प्राप्त धन को रक्षा खर्च और तीसरे देशों को दिए गए विदेशी ऋण के पुनर्भुगतान में न लगाया जाए. ऐसा समझा जाता है कि भारत ने आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड पर जोर दिया है.

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