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Measles Outbreak In Kerala Government Appeals To Parents To Vaccinate Children – केरल: मलप्पुरम समेत कई जिलों में बढ़ा खसरे का प्रकोप, सरकार का माता-पिता को सुझाव- बच्चों को टीका लगवाएं

सांकेतिक तस्वीर

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केरल के मलप्पुरम और उसके आसपास के जिलों में खसरे के मामलों में अचानक इजाफा हुआ है। इस बीमारी में बढ़ोतरी की एक वजह कम टीकाकरण होना बताया जा रहा है। हालांकि, सरकार ने बढ़ती बीमारी को देखते हुए शुक्रवार को माता-पिता से बच्चों को टीका लगवाने की अपील की है। उधर, इस बीमारी से निपटने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से भी एक टीम मलप्पुरम पहुंची है।

सरकार उठा रही है कड़े कदम 
23 नवंबर को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को उनके इस बीमारी से प्रभावित इलाकों में 9 माह से पांच साल तक के बच्चों को खसरा और रूबेला के टीके की अतिरिक्त खुराक देने लिए कहा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जार्ज ने कहा कि खसरे की बीमारी की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। रोकथाम संबंधी उपायों के अतिरिक्त निदेशक समेत स्वास्थ्य अधिकारी को खसरे से प्रभावित इलाकों को दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

हर बच्चे को लगे टीका
स्वास्थ्य मंत्री वीना जार्ज ने कहा कि बीमारी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान बीमारी से निपटने के उपायों को लागू किया जा रहा है। टीकाकरण के प्रति माता-पिता को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से निपटने को लेकर सरकार गंभीर है। रूबेला और खसरा को एमआर का टीके लगवाने से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त मात्रा में एमआर वैक्सीन और विटामिन ए सीरप जिलों को उपलब्ध करा दिया गया है। 

बीमारी बढ़ने की यह भी है वजह 
टीकाकरण कम होने की वजह से भी खसरा बढ़ रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, टीका लगाने की दर अभी 50 प्रतिशत से कम है, जबकि अन्य राज्यों में 90 प्रतिशत से ज्यादा बच्चों को टीका लग चुका है। यही वजह है कि मलप्पुरम में खसरे के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हालांकि, राज्य सरकार अब तेज टीकाकरण पर जोर दे रही है।

विस्तार

केरल के मलप्पुरम और उसके आसपास के जिलों में खसरे के मामलों में अचानक इजाफा हुआ है। इस बीमारी में बढ़ोतरी की एक वजह कम टीकाकरण होना बताया जा रहा है। हालांकि, सरकार ने बढ़ती बीमारी को देखते हुए शुक्रवार को माता-पिता से बच्चों को टीका लगवाने की अपील की है। उधर, इस बीमारी से निपटने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से भी एक टीम मलप्पुरम पहुंची है।

सरकार उठा रही है कड़े कदम 

23 नवंबर को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को उनके इस बीमारी से प्रभावित इलाकों में 9 माह से पांच साल तक के बच्चों को खसरा और रूबेला के टीके की अतिरिक्त खुराक देने लिए कहा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जार्ज ने कहा कि खसरे की बीमारी की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। रोकथाम संबंधी उपायों के अतिरिक्त निदेशक समेत स्वास्थ्य अधिकारी को खसरे से प्रभावित इलाकों को दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

हर बच्चे को लगे टीका

स्वास्थ्य मंत्री वीना जार्ज ने कहा कि बीमारी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान बीमारी से निपटने के उपायों को लागू किया जा रहा है। टीकाकरण के प्रति माता-पिता को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से निपटने को लेकर सरकार गंभीर है। रूबेला और खसरा को एमआर का टीके लगवाने से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त मात्रा में एमआर वैक्सीन और विटामिन ए सीरप जिलों को उपलब्ध करा दिया गया है। 

बीमारी बढ़ने की यह भी है वजह 

टीकाकरण कम होने की वजह से भी खसरा बढ़ रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, टीका लगाने की दर अभी 50 प्रतिशत से कम है, जबकि अन्य राज्यों में 90 प्रतिशत से ज्यादा बच्चों को टीका लग चुका है। यही वजह है कि मलप्पुरम में खसरे के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हालांकि, राज्य सरकार अब तेज टीकाकरण पर जोर दे रही है।




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