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Ncp Leader Ajit Pawar Says Shraddha Walkar Murder Case Should Be Heard By Fast-track Court – Shraddha Murder Case: दो साल पुरानी शिकायत पर पवार बोले- दोषियों को मिले सजा, फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो सुनवाई

मृतका श्रद्धा वाकर और हत्यारोपी आफताब
– फोटो : अमर उजाला

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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता अजित पवार ने बहुचर्चित श्रद्धा वाकर हत्याकांड मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में किए जाने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने शुक्रवार को कहा कि हत्याकांड के दोषियों को कठोर से कठोर सजा दी जानी चाहिए। श्रद्धा वाकर की दो साल पहले की शिकायत पर उन्होंने कहा कि अगर कोई पुलिस अधिकारी या पुलिस कांस्टेबल कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही का दोषी पाया जाता है तो जांच होनी चाहिए। 

वाकर ने दर्ज कराई थी शिकायत
गौरतलब है कि मृतका श्रद्धा वाकर ने दो साल पहले साल 2020 में महाराष्ट्र के पालघर पुलिस स्टेशन में आफताब के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में श्रद्धा ने आफताब पूनावाला पर उसे मारने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। साथ ही यह भी कहा था कि उसे डर है कि आफताब उसके टुकड़े-टुकड़े कर देगा। गौरतलब है कि उस समय राज्य में महाविकास अघाड़ी गठबंधन की सरकार थी।

अमित शाह ने दिया था बयान
गौरतलब है कि इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा था कि वाकर ने महाराष्ट्र के एक पुलिस स्टेशन में पूनावाला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में उस समय की गई चूक की जांच शुरू की जाएगी।

अजीत पवार ने की ये मांग
ऐसे में पुणे में पत्रकारों से वार्ता करते हुए अजीत पवार ने कहा कि अगर कोई पुलिसकर्मी ड्यूटी में लापरवाही का दोषी पाया जाता है तो उसकी जांच होनी चाहिए। गृहमंत्री शाह के बयान के बारे में पूछे जाने पर राकांपा नेता ने पलटवार करते हुए कहा कि एक दूसरे पर आरोप लगाने के बजाय अगर कोई पुलिस अधिकारी या पुलिस कांस्टेबल कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही का दोषी पाया जाता है तो जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में एक संदेश जाना चाहिए कि इस तरह का कृत्य केवल मृत्युदंड का हकदार है। दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए ताकि कोई भी भविष्य में ऐसा अपराध करने की हिम्मत न जुटाए।

क्या है मामला
दरअसल, करीब छह महीने पहले मई में 27 साल की श्रद्धा वाकर की दिल्ली में उसके लिव-इन पार्टनर आफताब पूनावाला ने कथित तौर पर हत्या कर दी थी। जानकारी के मुताबिक, कथित तौर पर आफताब ने श्रद्धा का गला घोंट दिया और उसके शरीर को 35 टुकड़ों में काट दिया। इतना ही नहीं, श्रद्धा के शरीर के इन टुकड़ों को उसने दक्षिण दिल्ली के महरौली इलाके के जंगलों में अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया। इससे पहले उसने, इन टुकड़ों को उसने अपने घर के फ्रिज में करीबन तीन सप्ताह तक रखा था। फिलहाल, आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है और मामले में जांच और सुनवाई की जा रही है।  
 

विस्तार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता अजित पवार ने बहुचर्चित श्रद्धा वाकर हत्याकांड मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में किए जाने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने शुक्रवार को कहा कि हत्याकांड के दोषियों को कठोर से कठोर सजा दी जानी चाहिए। श्रद्धा वाकर की दो साल पहले की शिकायत पर उन्होंने कहा कि अगर कोई पुलिस अधिकारी या पुलिस कांस्टेबल कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही का दोषी पाया जाता है तो जांच होनी चाहिए। 

वाकर ने दर्ज कराई थी शिकायत

गौरतलब है कि मृतका श्रद्धा वाकर ने दो साल पहले साल 2020 में महाराष्ट्र के पालघर पुलिस स्टेशन में आफताब के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में श्रद्धा ने आफताब पूनावाला पर उसे मारने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। साथ ही यह भी कहा था कि उसे डर है कि आफताब उसके टुकड़े-टुकड़े कर देगा। गौरतलब है कि उस समय राज्य में महाविकास अघाड़ी गठबंधन की सरकार थी।

अमित शाह ने दिया था बयान

गौरतलब है कि इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा था कि वाकर ने महाराष्ट्र के एक पुलिस स्टेशन में पूनावाला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में उस समय की गई चूक की जांच शुरू की जाएगी।

अजीत पवार ने की ये मांग

ऐसे में पुणे में पत्रकारों से वार्ता करते हुए अजीत पवार ने कहा कि अगर कोई पुलिसकर्मी ड्यूटी में लापरवाही का दोषी पाया जाता है तो उसकी जांच होनी चाहिए। गृहमंत्री शाह के बयान के बारे में पूछे जाने पर राकांपा नेता ने पलटवार करते हुए कहा कि एक दूसरे पर आरोप लगाने के बजाय अगर कोई पुलिस अधिकारी या पुलिस कांस्टेबल कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही का दोषी पाया जाता है तो जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में एक संदेश जाना चाहिए कि इस तरह का कृत्य केवल मृत्युदंड का हकदार है। दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए ताकि कोई भी भविष्य में ऐसा अपराध करने की हिम्मत न जुटाए।

क्या है मामला

दरअसल, करीब छह महीने पहले मई में 27 साल की श्रद्धा वाकर की दिल्ली में उसके लिव-इन पार्टनर आफताब पूनावाला ने कथित तौर पर हत्या कर दी थी। जानकारी के मुताबिक, कथित तौर पर आफताब ने श्रद्धा का गला घोंट दिया और उसके शरीर को 35 टुकड़ों में काट दिया। इतना ही नहीं, श्रद्धा के शरीर के इन टुकड़ों को उसने दक्षिण दिल्ली के महरौली इलाके के जंगलों में अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया। इससे पहले उसने, इन टुकड़ों को उसने अपने घर के फ्रिज में करीबन तीन सप्ताह तक रखा था। फिलहाल, आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है और मामले में जांच और सुनवाई की जा रही है।  

 




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